हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे

हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥

स्वागतम्

श्री प्रेम बिहारी जी का इतिहास

श्री प्रेम बिहारी ज़ी मंदिर जयपुर के चांदपोल बाज़ार जयालाल मून्शि का रास्ता में स्तिथ हैं ये मंदिर लगभग 285 साल पुराना हैं मंदिर में राधा कृष्ण ठाकुर जी के दो जोड़े विराजमान है और गणेश जी, हनुमान जी के साथ सालिग्राम जी की सेवा हैं इस मदिर के वर्त्तमान महंत श्रीं पवन कुमार जी आठवीं पीडी के सदस्य हैं सबसे पहले

    1. महंत स्वर्ग श्रीं गोविंद दास जी महाराज
    2. महंत स्वर्ग श्रीं केशव दास जी महाराज
    3. महंत स्वर्ग श्रीं बालक दास जी महाराज
    4. महंत स्वर्ग श्रीं बलदेव दास जी महाराज
    5. महंत स्वर्ग श्रीं राघव दास जी महाराज
    6. महंत स्वर्ग श्रीं घिसि लाल जी महाराज
    7. महंत स्वर्ग श्रीं श्याम दास जी महाराज उर्फ़ कैलाश नारायण जी
    8. वर्त्तमान महंत श्रीं पवन कुमार जी महाराज

मंदिर की विशेषताएँ :-

- मंदिर की स्थापना से ही यहाँ छोटे बच्चों के नज़र दोष व वयस्क लोगों की तकलीफ़ दूर की जाती हैं 

 - व्यापार, घऱ की समस्या एवं अन्य समस्याएं नज़र दोष  दूर की जाती हैं

मंदिर की स्थापना के समय आस-पास गाँव और खेती हुआ करती हैं | उस समय लोग यहां गेहूं के बोरियों साथ लाया करते थे | समय के साथ जब सिक्कों का चलन हुआ तब ताँबे के सिक्कें चढ़ाते थे,  लोग 2 पैसे, 3 पैसे, 5 पैसे और 10 पैसे चढ़ाते थे 

मंदिर के उत्सव

फागोत्सव व प्रसाद वितरण

अन्नकूट महोत्सव व प्रसाद वितरण

सावन में झूला महोत्सव व सत्संग

जन्माष्टमी व सब्जियों की झांकी

पोषबढा उत्सव व प्रसाद वितरण

हर एकादशी के दिन सत्संग उत्सव

आने वाले कार्यक्रम

पोषवड़ा उत्सव व प्रसाद वितरण

श्री प्रेम बिहारी जी की सेवा

श्री प्रेम बिहारी जी

श्री प्रेम बिहारी की जयपुर के चांदपोल बाजार जयलाल मुंशी का रास्ता स्थित श्री प्रेम बिहारी मंदिर है यह मंदिर करीब 285 साल पुराना है इस मंदिर में राधा कृष्ण के दो जोड़े हैं हनुमान जी और गणेश जी के साथ शालिग्राम जी की सेवा है इस मंदिर के वर्तमान में श्री पवन कुमार जी आठवीं पिढ़ी के सदस्य हैं

पूजा

आसपास के लोग सत्संग में शामिल होते हैं और फूलों से होली खेली जाती है और प्रसाद वितरण होता है और ठाकुर जी को गुलाबी पोशाक धारण कराई जाती है अन्नकूट पर कच्ची सामग्री का भोग ठाकुर जी को लगाया जाता है इस दिन चाँवल बाजरा मूंग चोला मिक्स सब्जी का भोग ठाकुर जी को लगाया जाता है आसपास के लोग या प्रसाद लेने के लिए आते हैं और उनको प्रसाद वितरण किया जाता है सावन में झूला महोत्सव 15 दिन तक चलता है

मंदिर

मंदिर के प्रोग्राम यहां मंदिर में फागोत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है यहां आस-पास से लोग सत्संग में शामिल होते हैं और फूलों से होली खेली जाती है और प्रसाद वितरण होता है और ठाकुर जी को गुलाबी पोशाक धारण कराई जाती है

पंचांग

एकादशी 2023

तिथि दिनांक
पौशा पुत्रदा एकादशी(शु)

02 जनवरी (सोमवार)

षटतिला एकादशी(कृ)

18 जनवरी (बुधवार)

जाया एकादशी(शु)

01 फरवरी (बुधवार)

विजया एकादशी(कृ)

16 फरवरी (गुरुवार)

आमलकी एकादशी(शु)

02 मार्च (गुरुवार)

आमलकी एकादशी(शु)

03 मार्च (शुक्रवार)

पापमोचनी एकादशी(कृ)

18 मार्च (शनिवार)

कामदा एकादशी(शु)

01 अप्रैल (शनिवार)

वैष्णव वरुथिनी एकादशी (कृ)

16 अप्रैल (रविवार)

मोहिनी एकादशी(शु)

01 मई (सोमवार)

अपरा एकादशी(कृ)

15 मई (सोमवार)

निर्जला एकादशी(शु)

31 मई (बुधवार)

योगिनी एकादशी(कृ)

14 जून (बुधवार)

देवशयनी एकादशी(शु)

29 जून (गुरुवार)

योगिनी एकादशी(कृ)

13 जुलाई (गुरुवार)

देवशयनी एकादशी(शु)

29 जुलाई (शनिवार)

वैष्णव कामिका एकादशी(कृ)

11 अगस्त (शुक्रवार)

वैष्णव कामिका एकादशी(कृ)

12 अगस्त (शनिवार)

श्रवण पुत्रदा एकादशी(शु)

27 अगस्त (रविवार)

अजा एकादशी(कृ)

10 सितम्बर (रविवार)

परस्व एकादशी(शु)

25 सितम्बर (सोमवार)

> इंदिरा एकादशी(कृ)

10 अक्तूबर (मंगलवार)

> पापांकुशा एकादशी(शु)

25 अक्तूबर (बुधवार)

रमा एकादशी(कृ)

09 नवम्बर (गुरुवार)

देवउत्थाना एकादशी(शु)

23 नवम्बर (गुरुवार)

उत्पन्न एकादशी(कृ)

08 दिसम्बर (शुक्रवार)

मोक्षदा एकादशी(शु)

22 दिसम्बर (शुक्रवार)

झांकीया श्री प्रेम बिहारी जी

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